सरकारी Miniratna कंपनी BEML को बुधवार को रक्षा मंत्रालय से एक बड़ा तोहफ़ा मिला, जब उसे T-72 और T-90 टैंकों के लिए ट्रॉल असेंबली सप्लाई करने के लिए ₹590 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला। इस खबर से मार्केट में जोश की लहर दौड़ गई, और BSE पर इंट्राडे ट्रेडिंग में BEML के शेयर 8% से ज़्यादा उछलकर ₹1,911.50 पर पहुँच गए। यह ऑर्डर न सिर्फ़ कंपनी की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मज़बूत करता है, बल्कि इन्वेस्टर्स के बीच इसकी साख को भी और बढ़ाता है।
ट्रॉल असेंबली क्या है और क्यों है खास?
DRDO द्वारा डेवलप की गई यह ट्रॉल असेंबली एक ज़रूरी मिलिट्री टेक्नोलॉजी है जिसका इस्तेमाल युद्ध के मैदान में एंटी-टैंक माइंस को हटाने के लिए किया जाता है। इसकी खास बात यह है कि यह प्रॉक्सिमिटी मैग्नेटिक फ़्यूज़ से माइंस को भी डीएक्टिवेट कर सकती है, जिससे सेना की आर्मर्ड गाड़ियाँ माइनफ़ील्ड से सुरक्षित रूप से गुज़र सकती हैं। सीधे शब्दों में कहें तो, यह सिस्टम सेना को दुश्मन के जाल से बचाते हुए एक सुरक्षित रास्ता देता है, जिससे यह स्ट्रेटेजिक रूप से बहुत ज़रूरी हो जाता है।
शानदार लॉन्ग-टर्म रिटर्न
BEML के शेयर निवेशकों के लिए लंबे समय तक फायदेमंद रहे हैं। अप्रैल 2021 में ₹474.84 से, वे 22 अप्रैल, 2026 को ₹1,911.50 पर पहुंच गए, जो पांच साल में 285% से ज़्यादा की बढ़त है। तीन साल में 210% और चार साल में 150% का रिटर्न कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स को दिखाता है। अकेले पिछले महीने में, स्टॉक 30% से ज़्यादा बढ़ा है, जो 52-हफ़्ते के हाई ₹2,437.43 और 52-हफ़्ते के लो ₹1,361.10 पर पहुंच गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल 23.4% बढ़कर ₹1,087 करोड़ हो गया, जो इसके मजबूत ऑपरेशन का सबूत है। कंपनी में इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर का भरोसा भी बढ़ता दिख रहा है, म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स 17.25% से बढ़कर 17.55% हो गई हैं, और FII होल्डिंग्स 5.51% से बढ़कर 5.59% हो गई हैं। मार्च 2026 तिमाही के नतीजे अभी भी पेंडिंग हैं, लेकिन आने वाली तिमाहियों में नए ऑर्डर से रेवेन्यू में और सुधार होने की उम्मीद है।
स्टॉक स्प्लिट की जानकारी
नवंबर 2025 में, BEML ने अपने ₹10 फेस वैल्यू वाले शेयरों को दो ₹5-5 के डिनॉमिनेशन में बांट दिया, जिससे छोटे इन्वेस्टर के लिए शेयर खरीदना आसान हो गया और मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ गई। रेल, मेट्रो और डिफेंस जैसे अलग-अलग सेक्टर में एक्टिव, कंपनी DRDO जैसे ऑर्गनाइज़ेशन के साथ मिलकर काम करती है, जिससे यह सरकारी पॉलिसी और डिफेंस खर्च का सीधा फायदा उठाती है। ₹590 करोड़ का यह नया ऑर्डर डिफेंस सेगमेंट में कंपनी की पकड़ को और मजबूत करेगा।
(यह आर्टिकल सिर्फ़ जानकारी देने के लिए तैयार किया गया है और इसे इन्वेस्टमेंट की सलाह नहीं समझना चाहिए। स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करना रिस्क वाला है, और शेयर की कीमतें और डेटा कभी भी बदल सकते हैं। कोई भी इन्वेस्टमेंट का फ़ैसला लेने से पहले कृपया अपने क्वालिफाइड फ़ाइनेंशियल एडवाइज़र से सलाह लें।)